Volume : 3, Issue : 12, DEC 2017

NAALANDA JILA MEIN KRSHI KA SVAROOP

ALOK KUMAR

Abstract

कृषि सर्व प्रधान प्राथमिक उद्यम है जो सदियों से सभ्य समाज के क्रिया-कलापों की प्रतीक रही है। यह न केवल नालन्दा की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है वल्कि हमारे देष के विषाल जनसंख्या की जीवन पद्धति भी है। प्राचीन काल से ही इसे सर्वोच्च पेषा समझा जाता है। क्योंकि इससे सभी मूलभूत आवष्यकताओं की आपूर्ति होती रही है। नालन्दा एक कृषि प्रधान जिला है। यहाँ की मुख्य अर्थव्यवस्था कृषि पर हीनिर्भर है। यहाँ 67ः लोग कृषि पर ही निर्भर है। नालन्दा के विभिन्न भागों में कृषि में विविधता पायी जाती है। यहाँ कृषि को निर्धारित करने वाली मुख्य परिस्थितियों में खासकर मिट्टी वर्षा की मात्रा, सिंचाई आदि में क्षेत्रीय विषमताएं है। यहाँ की कृषि मुख्यतः गहन या जीवन निर्वाहन कृषि है। इस कृषि में खाद्यान्नों का सबसे अधिक उत्पादन किया जाता है। इसके अतिरिक्त अन्न फसलें भी उगाई जाती है। परन्तु उनका महत्व कम होता है।

Keywords

कृषि उत्पादन, कृषि उद्योग, बाजार भूमि उपयोग।

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