Volume : 7, Issue : 3, MAR 2021

DHARMIK PARIPREKSHYA MEIN GANDHI EVAM NEHRU KE VICHARON KA TULNATMAK ADHHAYAN (धार्मिक परिप्रेक्ष्य में गांधी एवं नेहरू के विचारों का तुलनात्मक अध्ययन)

DR. ABHILASHA ABUSARIYA, DR. ARCHANA GODARA

Abstract

गांधीजी एक आर्दशवादी और दार्शनिक चिंतक थे। गाँधी के अनुसार धर्म और नैतिकता समाज को एकता के सूत्र में बांधते हैं। धर्म के विषय में गाँधी का दृष्टिकोण नैतिक मूल्यों, मानवीय मूल्यों और कर्तव्यपरायणता पर आधारित था।  गाँधी ने राजनीति में धर्म और नैतिक मूल्यों का समावेश किया तथा राजनीति के अध्यात्मीकरण को अपनाया। वहीं नेहरू एक यथार्थवादी, व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक चिंतक थे। उनके अनुसार धर्म ने समाज में बुराईयां पैदा की हैं इसलिए वह धर्म को राजनीति से पृथक रखना चाहते थे। नेहरू ने धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण को अपनाया और पंथनिरपेक्षता को प्रोत्साहन दिया।

Keywords

मानवतावादी, यथार्थवादी, धर्मनिरपेक्ष, पंथनिरपेक्षता.

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References

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