Volume : 5, Issue : 9, SEP 2019

VAISHAALEE JILA KE GRAAMEEN VIKAAS MEIN PANCHAAYATEE RAAJ KEE BHOOMIKA: EK BHAUGOLIK ADHYAYAN

RAKESH BHARTI

Abstract

वैशाली जिला उत्तरी बिहार के मैदानी भाग में स्थित है। इस मैदान का निर्माण गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा वाहित मलवे के निक्षेपण के फलस्वरूप हुआ है। यहाँ की अधिकांश जनसंख्या गाँवों में निवास करती है। वैशाली जिला 25030’ उत्तरी अक्षांश से 2602’ उत्तरी अक्षांश तक तथा 85015’ पूर्वी देशान्तर से 85030’ पूर्वी देशान्तर के बीच स्थित है। इसका क्षेत्रफल 2036 वर्ग कि॰मी॰ है। यहाँ की कुल आबादी 34,95,021 है, जिसमें ग्रामीण आबादी 32,61,942 है। अर्थात् कुल जनसंख्या का 93.33 प्रतिशत ग्रामीण आबादी हाजीपुर जिला में है। इन ग्रामीण लोगों के समुचित विकास में पंचायती राज व्यवस्था का महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने भारत के विकास के लिए गाँवों के विकास का स्वप्न देखा था। उनके स्वप्न को साकार करने में पंचायती राज व्यवस्था की अहम भूमिका है। वर्तमान समय में ग्राम पंचायत के माध्यम से कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, रोजगार, आवास, यातायात के साधन, युवाओं में दक्षता विकास, दस्तकारी पशुपालन, मुर्गीपालन, मधुमक्खी पालन इत्यादि कार्यक्रमों के विकास पंचायती राज के द्वारा किया जाता है। वर्तमान समय में ई-लर्निंग को बढ़ावा भी ग्राम पंचायत के द्वारा दिया जा रहा है। अतः वैशाली जिला में ग्रामीण विकास में पंचायती राज का महत्वपूर्ण भूमिका है।

Keywords

निक्षेपण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, ग्राम पंचायत, स्वास्थ्य, शिक्षा, दस्तकारी, पशुपालन इत्यादि।

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